अनिद्रा के आयुर्वेदिक उपचार। Insomnia Home Remedies in Hindi

कुछ लोगों को Bus या Train में यात्रा करते हुए या Office की कुर्सी पर बैठे बैठे नींद आ जाती है लेकिन कुछ लोगों को रात को सोते समय भी नींद नहीं आती। अनिद्रा या Insomnia एक ऐसी समस्या है जिसने आज दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रभावित किया है। इससे पीड़ित व्यक्तियों के लिए नींद आना या सोते रहना मुश्किल होता है। इस समस्या में रात को नीद बहुत देर से आती है, नींद आ जाने के बाद भी नींद बार बार खुलती है या बीच रात में नीद पूरी तरह खुल जाती है और वापस नहीं आती। अनिद्रा के सामान्य से लेकर कुछ बहुत भयंकर प्रभाव भी हो सकते हैं। अधिकांश मामलों में अनिद्रा के कारण तनाव (Stress), चिंता (Anxiety) और समय के साथ साथ Depression भी होने लगता है और एक समय पर आकर स्वभाव में चिडचिडापन और बेचैनी आ जाती है।


अनिद्रा के कारण। Cause of Insomnia

  • रात को भोजन करने के बाद जल्दी सो जाना या रात में heavy भोजन कर लेना। 
  • सोने का समय fix ना होना और दिन में सोना। 
  • सोने से पहले Computer, TV, Video Games, Smartphones या अन्य screen का आँखों से संपर्क होना। 
  • सोने से पहले Office, School, स्वास्थ्य, आर्थिक या परिवार से जुडी हुई समस्याओं के बारे में सोचना।

ये कुछ आम कारण हैं जिनकी वजह से हमारा दिमाग रात को सोने के लिए सही तरह से तैयार नहीं हो पता और नीद आने में काफी ज्यादा समय भी लगता है।

अनिद्रा के आयुर्वेदिक उपचार के लिए घरेलु नुस्खे 

रात को नींद ना आने की समस्या चाहे कितनी भी गंभीर और पुरानी क्यों न हो कुछ आसान घरेलु नुस्खों के जरिये अनिद्रा या Insomnia से आसानी से छुटकारा पाया जा सकता है। जो लोग सोने के लिए नींद की गोलियों का सहारा लेते हैं उन्हें उस समय तो नींद आ जाती है लेकिन इन दवाइयों का दिमाग और किडनियों पर बहुत बुरा असर पड़ता है और साथ ही थोड़े समय बाद हमारा दिमाग इन दवाइयों के खिलाफ उल्टा reaction develop कर लेता है। जिससे की आगे चलकर नींद लाने के लिए दवाइयों का असर होना भी बंद हो जाता है। इसलिए कभी भी ऐसी समस्या में दवाई के ऊपर निर्भर नहीं होना चाहिए और हमेशा natural तरीकों से ही इसका इलाज करना चाहिए। क्योंकि आयुर्वेदिक तरीकों से ही किसी भी बीमारी की सीधे जड़ पे असर होता है और वो हमेशा के लिए ठीक हो जाती है। तो चलिए जानते हैं ऐसे ही कुछ आसान घरेलु नुस्खों के बारे में जो आपको अनिद्रा की समस्या से छुटकारा दिला देंगे।

त्रिफला

अगर आप रात को देर से भोजन करते हैं तो ऐसे में सोते समय पाचन क्रिया ज्यादा देर तक सक्रीय रहती है। जिसकी वजह से खाना भी ठीक से नहीं पचता और दिमाग पूरी तरह से शांत नहीं हो पता। ऐसा होने पर रात को सोने से पहले 5 से 10 ग्राम त्रिफला के चूरन को आधे गिलास हलके गर्म पानी में मिलकर पियें। इससे खाना भी जल्दी पच जाता है और रात को नींद भी अच्छी आती है।

केले

अनिद्रा का उपचार करने में केले विशेष रूप से लाभदायक हैं। केले नींद को बढ़ाते हैं क्योंकि इसमें प्राकृतिक रूप से मांसपेशियों को relax करने वाले Magnesium और Potassium मौजूद होते हैं। रात को सोने से 1 घंटे पहले 2 से 3 केले खाने से भूख शांत होती है, अच्छी नींद आती है और देर रात उठकर कुछ खाने की आदत से भी रहत मिलती है।

सौंफ

सौंफ खासकर गर्मियों में हमें गहरी नींद प्रदान करने में बहुत फायदेमंद होती है। 10 ग्राम सौंफ लगभग 50 ग्राम पानी के साथ तब तक उबालें जब तक की पानी घटकर आधा ना हो जाये। आधा हो जाने के बाद इसे लगभग 200 ml हलके गर्म दूध के साथ मिलाकर सेवन करें। इसे पीने के बाद आप देखेंगे की आपको नींद भी जल्दी आ जाएगी और एक बार सो जाने के बाद रात को नींद खुलेगी भी नहीं।

भांग

भांग वैसे तो शिव भगवान कर प्रसाद है। हमारे देश में इसका सेवन त्योहारों पर आंनद उठाने के लिए भी किया जाता है। लेकिन भांग एक ऐसी आयुर्वेदिक जड़ी बूटी है जिसके अलग अलग तरह के इस्तेमाल से कई बीमारियों का इलाज भी होता है। रात में नींद नहीं आने की समस्या में भी भांग से एक असरदार औषधि बनायी जा सकती है। लगभग 150 ग्राम गुलाब की पंखुड़ियों में 50 ग्राम भांग और 300 ग्राम मिश्री मिलकर अच्छी तरह पीस लें और इस तैयार चूरन को फ्रीज़ में store कर लें। रोजाना इसमें से 20 ग्राम चूरण को 1 गिलास दूध के साथ मिलाकर इसका सेवन करें आप देखेंगे की सोते समय आपका दिमाग शांत होने लगेगा और नींद भी गहरी आएगी।

गाजर का रस

गाजर के अंदर alpha keratin नामक तत्व होता है जिसका सेवन करने से ये हमारे दिमाग को relax करता है। रोजाना शाम के समय 250 ml यानि लगभग 1 गिलास गाजर का जूस पीने से रात में नींद नहीं आने की समस्या में फायदा मिलता है।

शंखपुष्पी और अश्वगंधा

शंखपुष्पी और अश्वगंधा ये दोनों ही ऐसी जड़ीबूटियां हैं जो की ख़ासकर दिमागी रोगों में बहुत लाभकारी हैं। आयुर्वेद में इनका इस्तेमाल शारीरिक और मानसिक रोगों की ठीक करने के लिए पुराने समय से किया जा रहा है। ये इतनी फायदेमंद हैं की इनके लगातार 3 दिन के सेवन से ही बीमारी में 50% से भी ज्यादा सुधार आ जाता है। अश्वगंधा और शंखपुष्पी चूरण को बराबर मात्रा में मिला लें उसके बाद लगभग 5 ग्राम के इस मिश्रण को घी और मिश्री के  इसका सेवन करें और ऊपर से दूध या पानी पी लें इससे रात को गहरी नींद आती है और अनिद्रा की समस्या ख़त्म हो जाती है।

अन्य जरुरी बातें

दोपहर या शाम को कैफीन का सेवन सीमित करें। याद रखें chocolate खाने और Cold Drink पीने से भी शरीर में कैफीन की मात्रा बढ़ती है। कमरे को व्यवस्थित रखें सुनिश्चित करें की आपके पास आपकी जरूरतों के मुताबिक सही बिस्तर और गद्दे हों। घटिया गद्दे मांसपेशियों की समस्याओं और नींद में भी बाधा उत्पन कर सकते हैं। नियमित रूप से सोने और जागने का एक pattern बना लें इसके परिणाम स्वरूप आपका शरीर आंतरिक रूप से भी उस pattern के अनुसार अपने आप को ढाल लेगा और आपको निर्धारित समय पर सोने और जागने के संकेत देगा। दिन में चाहे जितनी भी नींद आये लेकिन झपकी ना लें। दोपहर में ली जाने वाली झपकी से रात में नींद आना मुश्किल हो सकता है। दिन में थोड़ा व्यायाम करने की आदत डालें, शाम को हल्का भोजन खाएं क्योंकि शाम को अत्यधिक भोजन करने या बिस्तर पर जाने से ठीक पहले खाना खाने से आपकी नींद में बाधा आ सकती है। सोने से पहले अपने मन को परेशान वाले विचारों से मुक्त करने की कोशिश करें और अपने आप को आरामदायक तथा दिमाग को शांत करने वाली गतिविधियों में involve करें जैसे की पढ़ना या मन को शांत करने वाला music सुनना।  इन सभी जरुरी बातों का ध्यान रखने के साथ साथ अगर आप रोजाना बताये गए आसान घरेलु नुस्खों का सेवन करते हैं तो देखते ही देखते अनिद्रा या रात को नींद नहीं आने की समस्या पूरी तरह ख़त्म हो जाएगी। 

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