आपके जीवन का मकसद क्या है ? What is the Purpose of Our Life in Hindi

दोस्तों जीवन में कभी न कभी ये सवाल जरुर उठता है की हमारा इस दुनिया में या इस जीवन में आने का मकसद क्या है। What is the Purpose of Our Life? इस सवाल का उठना स्वाभाविक भी है और अपने आप में शुभ भी है। जैसे ही यह सवाल उठता है तो इसके जवाब के लिए हम काम करने लगते हैं और यहीं से हमारी जिंदगी की दिशा और दशा दोनों बदल जाती है। इस ख्याल का ना आना इसका मतलब अभी थोडा सा unfortunate है और हो सकता है बहुत जल्दी जीवन में आपको हताशा, निराशा, दुःख या depression जैसी समस्याओं का सामना करना पड़े।


साथियों इस जीवन में जो भी कुछ है उसके पीछे कोई न कोई purpose जरुर है। परमात्मा ने जो कुछ भी बनाया है वो किसी न किसी purpose के लिए ही बनाया है। हर किसी को एक purpose देकर भेजा है और उसी पे उसे काम करना होता है। आप जितना जल्दी अपने purpose से relate करेंगे आपकी जिंदगी में positive turn आएगा और जितनी देर करेंगे उतना ही भटकाव रहेगा।

दोस्तों इस Universe पर सारी चीज़ें एक purpose के साथ ही काम करती हैं। जैसे परमात्मा ने सूरज को एक purpose दिया है की तुझे बस गर्मी और light देते रहना है क्योंकि गर्मी इस पृथ्वी की जरुरत है। लोगों को जीवन के लिए गर्मी की जरुरत है और तुझे बिना शिकायत के, बिना रुके, बिना थके, बिना किसी प्रशंसा या  appreciation की expectation किये बिना अपना काम करते रहना है।
चाँद को purpose दिया की तुझे अपनी शीतलता अपनी रोशनी लोगों को देते रहना है क्योंकि उसकी भी पृथ्वी पर जरुरत है।
पेड़ पौधे बृक्ष को बनाया की तुम्हे छाया देनी है और फल फूल लोगों को देना है और वो इस दुनिया की जरुरत है। बादल को बनाया की तुम्हे पानी देना है क्योंकि पानी की जरुरत है आप इस कमी को पूरा करना।
सभी बिना रुके, बिना थके, बिना शियाकत के, बिना किस उम्मीद के अपना काम करते हैं। इसी तरह साथियों उसने जब इंसान को बनाया तो उसको भी किसी मकसद के साथ में भेजा है। यदि हमें अपना purpose मालूम नहीं है तो बस ये थोड़ा सा दुर्भाग्य है। पर जैसे ही हम इस पर विचार करना शुरू करेंगे हमें अपनी जिंदगी का मकसद जरूर नजर आएगा और जैसे ही हम उसपे काम करेंगे तो हमारी ज़िन्दगी भी बदल जाएगी।

जिसने इस बात को समझ लिया और तलाश करना शुरू कर दिया की इस जीवन में इस दुनिया को बेहतर बनाने के लिए मैं क्या कर सकता हूँ। इस दुनिया की ऐसी क्या जरुरत है जिसे पूरा करने में मैं योगदान कर सकता हूँ ताकि ये दुनिया बेहतर बन जाये। किसी को नजर आया की दुनिया के लोगों को entertainment या मनोरंजन की जरुरत है उसने उसी को अपने जीवन का मकसद बना लिया और लोगों को entertain करना शुरू कर दिया।
किसी को नजर आया की इस दुनिया को अच्छे स्वस्थ की जरुरत है उसने लोगों को स्वस्थ या health देने को ही अपना purpose बना लिया और नए रस्ते ढूंड लिए ताकि वो ज्यादा से ज्यादा लोगों को health या स्वस्थ दे सके।
किसी को नजर आया की इस दुनिया को जरुरत है इस देश को जरुरत है अच्छे नेतृत्व की उसने राजनीति को अपना मकसद बना लिया।
किसी को समझ आया की इस दुनिया इस देश को एक अच्छे खिलाडी की जरुरत है उसने खेल को अपना मकसद बना लिया।
किसी को लगा की इस दुनिया को Science and Technology की जरुरत है तो उसने उसी को मकसद बना के अपना काम करना शुरू कर दिया।

यहाँ पर एक बात सोचने की और देखने की है की सब लोगों को एक ही जैसा नजर नहीं आया सबको अलग अलग नजर आया किसी को खेल, किसी को शिक्षा, किसी को स्वस्थ, किसी को Science and Technology और जिसको जो नजर आया उसने उस पे काम करना शुरू किया और आज देश और दुनिया उन सभी को जानती है।

अपनी Life का Purpose कैसे ढूँढे ?

यहाँ पर समझने की जरुरत है की यदि हमें अपनी जिंदगी का मकसद अभी तक मालूम नहीं है तो बैठ कर के जरा सोचना इस ख्याल को थोड़ी देर process करना आपको नजर आएगा। यदि नजर नहीं आता तो इस ख्याल को बनाये रखना आपका Subconscious Mind आपको जरुर एक दिन जवाब देगा। बैठकर के सोचना की इस दुनिया को बेहतर बनाने के लिए और सुन्दर बनाने के लिए आप लोगों की life में क्या add कर सकते हैं। आपको कोई न कोई एक चीज़ जरुर नजर आएगी और जो आपको नजर आएगा वो ही आपका talent होगा और वो ही आपके जीवन का मकसद होगा। जो आपको दिखता है वो ही आपका talent है उसे पूरा करने का सामर्थ आपको परमात्मा ने दिया है तभी वो आपको दिखती है। सिर्फ यहीं से अपने जीवन की यात्रा शुरू करना और उसी को पकड़ लेना वो ही आपके जीवन का मकसद बनेगा और उसी पे चलना शुरू कर देना।
लेकिन आम इंसान यहाँ एक भूल कर देता है वो सोचता है की चलने से पहले मेरे को perfection चाहिए जो कभी नहीं होता है। Wrong expectation हमें कभी जीवन में शुरुवात नहीं करने देती। Perfection का इंतज़ार ना करें आप बस चलना शुरू करें। जिन्हें आज आप देखते हैं की इनके अन्दर आज perfection है उन्होंने भी कभी ना कभी ऐसे ही चलना शुरू किया था।
दूसरी भूल आम इंसान क्या करता है की जब मेरे पास संसाधन होंगे तब मैं शुरुवात करूँगा ऐसा भी नहीं होता। जब हम चलना शुरू करते हैं तो संसाधन arrange होते जाते हैं सिर्फ आपको thought के साथ में step लेने की जरुरत है action लेने की जरुरत है। बाकि काम universe, nature, परमात्मा खुद arrange करता है। यहाँ पर आपका thought process थोडा check करना। मुझे जरुरत है लोगों को कुछ देने की यदि मैं दूंगा तो लोगों का जीवन अच्छा होगा। जब आप देने का सोचते है तो आप एक divine nature के साथ में एक हो जाते है आप परमात्मा के साथ एक हो जाते हैं क्योंकि परमात्मा की nature भी देना है without any expectation. जब आप इस thought के साथ में चलते हैं तो आप अकेले नहीं होते हैं परमात्मा आपके साथ होता है। जब आगे रास्ते पर चलते हैं तो आज आपके पास कुछ भी नहीं है लेकिन एक दिन सब कुछ आपको दिखता है। जिनके पास आज आपको सब कुछ दिखता है उनके पास शायद एक दिन विचार ही था। उन्होंने विचार को लिया और चलना शुरू किया लेकिन उनका विचार Positive emotion से empower था। Positive emotion का मतलब है मुझे दुनिया को, लोगों को देना है। I have to give. I have to contribute in the life of the people. जब Contribution की भावना से आप चलते है तो सब कुछ आपके जीवन में सहज उपलब्ध होता है और आप चलते चले जाते है। लेकिन जब आप इसका उल्टा सोचते हैं की मुझे इस दुनिया से क्या लेना है और जब आप अपने इस विचार के साथ शुरुवात करते हैं तो समझ लेना की आपका ये विचार negative emotion से empowered है और आपके विचार के साथ negative emotion चलता है तो इसका नतीजा असफलता या दुःख होता है।

जरुरत है आपको सिर्फ सोचने की समझने की मैं क्या दे सकता हूँ या इस दुनिया में क्या थोड़ा सा परिवर्तन ला सकता हूँ जिससे लोगों का जीवन और अच्छा हो जाये। आप चाहे माने या न माने चाहें या न चाहें nature और universe का नियम है जब आप देते हैं मतलब जब आप लोगों की life में निस्वार्थ भाव से contribute करते हैं तो कितना आपको मिलता है वो आपकी calculation या logical mind से दूर होता है और उस देने से मिले हुए inner satisfaction की व्याख्या शब्दों में नहीं की जा सकती पर आप इसे अनुभव जरूर करना। जो भी ये ख्याल है जिससे आप दे सकते हैं आपके अन्दर जरुर कुछ है उसने जरुर कुछ दे कर के भेजा है। चाहे आपके पास जो भी है, जितना भी है आप उसी से शुरुवात करें। यदि आप शुरुवात करेंगे तो एक दिन ये कितना होगा ये आप imagine नहीं कर सकते। Just you have to begin with positive thought positive emotion. जहाँ पर positive emotion life में जुड़ते हैं वहां पर promotion कितनी जल्दी जिंदगी में होते चले जाते हैं वो हमें समझ नहीं आने वाला है। Just begin आप केवल शुरुवात करें अनुभव करें आपके जीवन में निश्चित ही U Turn आएगा। 

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ